Vashikaran art 7065940610
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#VashikaranArtRedefined in new technology #MustWatchToimpactProfessionalPersonalLives https://lovespellvashikaranart.blogspot.com/2019/08/redefining-selfvashikaran-7065940610.html?m वशीभूत सम्मोहन वशीकरण Art
आसमान और आसपास के वातावरण में बिखरी हुई अच्छी और बुरी शक्तियों को एकत्रित कर उस बढ़ी हुई शक्ति से किसी व्यक्ति को प्रभावित करने की विद्या को सम्मोहन या वशीकरण काला जादू,कहा जाता है,यह कोई बुरा कार्य नहीं है परन्तु इसे बुरी नजर से देखा जाता है, क्योंकि इसका नाम तंत्र से जुदा है, अपनी बात किसी को समझाना या फिर अपना अच्छा कार्य किसी से करवाना किसी भी प्रकार से बुरा नहीं है, जीवन की कठिन से कठिन समास्यो का तुरन्त समाधान वशीकरण द्वारा संभव और आसन है जैसे प्यार, प्रेम विवाह, जीवन उदाहरण के रूप में कठिन समस्या के लिए, ग्रहक्लेश, पति-पत्नि अनबन, सौतन दुश्मन छुटकारा, पति पत्नी का रिश्ता, अदालत ने मामले, प्रेम विवाह, ।नि:संतान के रूप में समस्या, शारीरिक समस्या, परिवार में समस्या, विवाह में रुकावट,ऋण होना, ऊपरी,वशीकरण,काला जादू, और सबसे जरूरी प्रेम में असफलता के लिए खास तौर पर काला जादू,वशीकरण किया जाता है ! अब तक हज़ारों लोगों ने वशीकरण काला जादू,का लाभ उठाया है,काला जादू,वशीकरण क्या है काला जादू,वशीकरण किसी भी स्त्री या पुरुष के मन और शरीर को अपने वश में करने की अदभुद शक्ति है काला जादू,वशीकरण द्वारा आप किसी भी पुरुष या स्त्री को पूरी तरह से अपने वश में कर सकते हैं चाहे वो आपके पास रहता हो या दूर काला जादू,वशीकरण का अर्थ है किसी को वश में करना, वैसे तो वशीकरण एक असामान्य विद्या है परंतु यह एक विज्ञान ही है। इस विद्या को पाना मुश्किल ही सही परंतु असंभव नहीं है। अधिकतर लोग सोचते हैं कि वशीकरण किया कैसे जाए…? सभी को किसी ना किसी को अपने वश में करना है। कर्मचारी चाहता है कि उसका बॉस उसके वश में हो और उसे जब चाहे छुट्टी मिल जाए… पत्नी सोचती है पति वश में रहे, यही सोच पति की भी होती है… कोई सोचता है मेरे सभी दोस्त में वश हो जो मैं बोलू सभी वैसा ही करें… लड़कों को लड़कियों को वश में करना है तो लड़कियों को लड़के अपने वश में चाहिए। सामान्यत: ऐसे ही सोच सभी की हैं। वशीकरण है क्या…? यही कि जो आप बोले, जो आप चाहे… वह ही हो जाए।तो वशीकरण के लिए सबसे जरूरी है ध्यान…। एक जगह, एक बिंदू, एक स्थान, किसी भी उस वस्तु पर जिसे अपने वश में करना हो उसके लिए अपना मन केंद्रित करना ही ध्यान है। ध्यान से आपके शरीर में अद्भूत ऊर्जा का विकास होगा। भगवान शिव के बारे सभी जानते ही हैं वे युगों-युगों तक ध्यान में रहते हैं। प्राचीन काल में सभी ऋषिमुनि ध्यान में ही अपना समय व्यतीत करते थे जिसके फलस्वरूप वे तेजस्वी हो गए। और जितना अधिक से अधिक ध्यान या मेडिटेशन करेंगे तो आप पाएंगे कि आपके चेहरे पर एक तेज विद्यमान हो गया है, एक खुशी, एक मधुर मुस्कान सदा आपके चेहरे पर खिली दिखाई देगी, आपका व्यक्तित्व निखर जाएगा, आपके चलने, बोलने में आत्मविश्वास दिखाई देगा। जब ऐसा होने लगेगा तो जब आप बोलना शुरू करेंगे वहां सभी आपको ही सुनते दिखाई देंगे, आपकी मधुर मुस्कान और चेहरे की चमक के आगे आपका बॉस, आपका जीवन साथी, आपके मित्र आसानी से आपका कहा मान लेंगे। बस यही है वशीकरण का आसान और सुगम मार्ग।1आज हर व्यक्ति चाहता है की उसके पास गजब की आकर्षण शक्ति हो और वह भीड़ में सबसे अलग दिखे तो उसी चुब्त्कीय आकर्षण के लिए हम कुछ उपाय दे रहे हैं करें और समाज में अपनी जगह बनाएं.कमाल का उपायएक सम्मोहन प्रिज्म लेकर उसको अपनी आँखों के ठीक ३ फीट दूरी पर सामान उंचाई पर रखें और बिलकुल अँधेरे कमरे मे बैठकर उसके पीछे एक जीरो वाट का लाल बल्ब लगाएं या एक दीपक जलाएं, उसके बाद उसे एकटक देखते हुए (अहम ब्रहास्मी) या i am devine the flame का जाप लागातार १५ मिनट तक करते रहें, ऐसा लगातार करने से ही १५ दिनों में ही आपकी आँखों में सम्मोहन शक्ति उत्पन्न हो जाएगी |सम्मोहन शक्तिवर्द्धक सरल उपाय :१. मोर की कलगी रेश्मी वस्त्र में बांधकर जेब में रखने से सम्मोहन शक्ति बढ़ती है।२. श्वेत अपामार्ग की जड़ को घिसकर तिलक करने से सम्मोहन शक्ति बढ़ती है।३. स्त्रियां अपने मस्तक पर आंखों के मध्य एक लाल बिंदी लगाकर उसे देखने का प्रयास करें। यदि कुछ समय बाद बिंदी खुद को दिखने लगे तो समझ लें कि आपमें सम्मोहन शक्ति जागृत हो गई है।४. गुरुवार को मूल नक्षत्र में केले की जड़ को सिंदूर में मिलाकर पीस कर रोजाना तिलक करने से आकर्षण शक्ति बढ़ती है।५. गेंदे का फूल, पूजा की थाली में रखकर हल्दी के कुछ छींटे मारें व गंगा जल के साथ पीसकर माथे पर तिलक लगाएं आकर्षण शक्ति बढ़ती है।६. कई बार आपको यदि ऐसा लगता है कि परेशानियां व समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। धन का आगमन रुक गया है या आप पर किसी द्वारा तांत्रिक अभिकर्म’’ किया गया है तो आप यह टोटके अवश्य प्रयोग करें, आपको इनका प्रभाव जल्दी ही प्राप्त होगा।७ सफेद गुंजा की जड़ को घिस कर माथे पर तिलक लगाने से सभी लोग वशीभूत हो जाते हैं।यदि सूर्य ग्रहण के समय सहदेवी की जड़ और सफेद चंदन को घिस कर व्यक्ति तिलक करे तो देखने वाली स्त्री वशीभूत हो जाएगी।८ राई और प्रियंगु को ÷ह्रीं’ मंत्र द्वारा अभिमंत्रित करके किसी स्त्री के ऊपर डाल दें तो वह वश में हो जाएगी।शनिवार के दिन सुंदर आकृति वाली एक पुतली बनाकर उसके पेट पर इच्छित स्त्री का नाम लिखकर उसी को दिखाएं जिसका नाम लिखा है। फिर उस पुतली को छाती से लगाकर रखें। इससे स्त्री वशीभूत हो जाएगी।९ बिजौरे की जड़ और धतूरे के बीज को प्याज के साथ पीसकर जिसे सुंघाया जाए वह वशीभूत हो जाएगा।१० नागकेसर को खरल में कूट छान कर शुद्ध घी में मिलाकर यह लेप माथे पर लगाने से वशीकरण की शक्ति उत्पन्न हो जाती है।११ नागकेसर, चमेली के फूल, कूट, तगर, कुंकुंम और देशी घी का मिश्रण बनाकर किसी प्याली में रख दें। लगातार कुछ दिनों तक नियमित रूप से इसका तिलक लगाते रहने से वशीकरण की शक्ति उत्पन्न हो जाती है।१२ लड़के को प्रेम में सफलता के लिए पन्ना (एमरल्ड) की अंगूठी धारण करना चाहिए इससे प्रेयसी के मन में प्रबल आकर्षण बना रहता है ।१३ प्रेमी युगल को शनिवार और अमावस्या के दिन नहीं मिलना चाहिए। इन दिनों में मिलने से आपस में किसी भी बात पर विवाद हो सकता है …एक दूसरे की कोई भी बात बुरी लग सकती है तथा प्रेम संबंधो में सफलता मिलने में संदेह हो सकता है।१४ प्रेमी युगल को यह प्रयास करना चाहिए कि शुक्रवार और पूर्णिमा के दिन अवश्य मिलें। जिस शुक्रवार को पूर्णिमा हो वह दिन अत्यंत शुभ रहता है इस दिन मिलने से परस्पर प्रेम व आकर्षण बढ़ता है।१५ सफ़ेद वस्त्र धारण करके किसी भी धार्मिक स्थान पर लाल गुलाब व चमेली का इत्र अर्पित करके अपने प्रेम की सफलता के लिए सच्चे मन से प्रार्थना करें निश्चय ही लाभ होगा।१६ वशीकरण मन्त्र – काम व आकर्षण बीज मंत्र का जाप करें।मंत्र- ऊँ क्लीं नम:।आकर्षण शक्ति बड़ाने के लिए इस मंत्र का जाप करें ।ॐ क्लीं कृष्णाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा:२चमत्कारी वशीकरण साधनासिद्ध वशीकरण मन्त्र१॰ “बारा राखौ, बरैनी, मूँह म राखौं कालिका। चण्डी म राखौं मोहिनी, भुजा म राखौं जोहनी। आगू म राखौं सिलेमान, पाछे म राखौं जमादार। जाँघे म राखौं लोहा के झार, पिण्डरी म राखौं सोखन वीर। उल्टन काया, पुल्टन वीर, हाँक देत हनुमन्ता छुटे। राजा राम के परे दोहाई, हनुमान के पीड़ा चौकी। कीर करे बीट बिरा करे, मोहिनी-जोहिनी सातों बहिनी। मोह देबे जोह देबे, चलत म परिहारिन मोहों। मोहों बन के हाथी, बत्तीस मन्दिर के दरबार मोहों। हाँक परे भिरहा मोहिनी के जाय, चेत सम्हार के। सत गुरु साहेब।”विधि- उक्त मन्त्र स्वयं सिद्ध है तथा एक सज्जन के द्वारा अनुभूत बतलाया गया है। फिर भी शुभ समय में १०८ बार जपने से विशेष फलदायी होता है। नारियल, नींबू, अगर-बत्ती, सिन्दूर और गुड़ का भोग लगाकर १०८ बार मन्त्र जपे।मन्त्र का प्रयोग कोर्ट-कचहरी, मुकदमा-विवाद, आपसी कलह, शत्रु-वशीकरण, नौकरी-इण्टरव्यू, उच्च अधीकारियों से सम्पर्क करते समय करे। उक्त मन्त्र को पढ़ते हुए इस प्रकार जाँए कि मन्त्र की समाप्ति ठीक इच्छित व्यक्ति के सामने हो।नोट :- (किसी सिद्ध पुरुष के संपर्क और सानिंध्य में ही करें और चमत्कार देखें)३शूकर-दन्त वशीकरण मन्त्र“ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं वाराह-दन्ताय भैरवाय नमः।”विधि- ‘शूकर-दन्त’ को अपने सामने रखकर उक्त मन्त्र का होली, दीपावली, दशहरा आदि में १०८ बार जप करे। फिर इसका ताबीज बनाकर गले में पहन लें। ताबीज धारण करने वाले पर जादू-टोना, भूत-प्रेत का प्रभाव नहीं होगा। लोगों का वशीकरण होगा। मुकदमें में विजय प्राप्ति होगी। रोगी ठीक होने लगेगा। चिन्ताएँ दूर होंगी और शत्रु परास्त होंगे। व्यापार में वृद्धि होगी।नोट :- (किसी सिद्ध पुरुष के संपर्क और सानिंध्य में ही करें और चमत्कार देखें)४कामिया सिन्दूर-मोहन मन्त्र-“हथेली में हनुमन्त बसै, भैरु बसे कपार।नरसिंह की मोहिनी, मोहे सब संसार।मोहन रे मोहन्ता वीर, सब वीरन में तेरा सीर।सबकी नजर बाँध दे, तेल सिन्दूर चढ़ाऊँ तुझे।तेल सिन्दूर कहाँ से आया ? कैलास-पर्वत से आया।कौन लाया, अञ्जनी का हनुमन्त, गौरी का गनेश लाया।काला, गोरा, तोतला-तीनों बसे कपार।बिन्दा तेल सिन्दूर का, दुश्मन गया पाताल।दुहाई कमिया सिन्दूर की, हमें देख शीतल हो जाए।सत्य नाम, आदेश गुरु की। सत् गुरु, सत् कबीर।विधि- आसाम के ‘काम-रुप कामाख्या, क्षेत्र में ‘कामीया-सिन्दूर’ पाया जाता है। इसे प्राप्त कर लगातार सात रविवार तक उक्त मन्त्र का १०८ बार जप करें। इससे मन्त्र सिद्ध हो जाएगा। प्रयोग के समय ‘कामिया सिन्दूर’ पर ७ बार उक्त मन्त्र पढ़कर अपने माथे पर टीका लगाए। ‘टीका’ लगाकर जहाँ जाएँगे, सभी वशीभूत होंगे।आकर्षण एवं वशीकरण के प्रबल सूर्य मन्त्र५“ॐ नमो भगवते श्रीसूर्याय ह्रीं सहस्त्र-किरणाय ऐं अतुल-बल-पराक्रमाय नव-ग्रह-दश-दिक्-पाल-लक्ष्मी-देव-वाय, धर्म-कर्म-सहितायै ‘अमुक’ नाथय नाथय, मोहय मोहय, आकर्षय आकर्षय, दासानुदासं कुरु-कुरु, वश कुरु-कुरु स्वाहा।”विधि- सुर्यदेव का ध्यान करते हुए उक्त मन्त्र का १०८ बार जप प्रतिदिन ९ दिन तक करने से ‘आकर्षण’ का कार्य सफल होता है।६“ऐं पिन्स्थां कलीं काम-पिशाचिनी शिघ्रं ‘अमुक’ ग्राह्य ग्राह्य, कामेन मम रुपेण वश्वैः विदारय विदारय, द्रावय द्रावय, प्रेम-पाशे बन्धय बन्धय, ॐ श्रीं फट्।”विधि- उक्त मन्त्र को पहले पर्व, शुभ समय में २०००० जप कर सिद्ध कर लें। प्रयोग के समय ‘साध्य’ के नाम का स्मरण करते हुए प्रतिदिन १०८ बार मन्त्र जपने से ‘वशीकरण’ हो जाता है।बजरङग वशीकरण मन्त्र“ॐ पीर बजरङ्गी, राम लक्ष्मण के सङ्गी। जहां-जहां जाए, फतह के डङ्के बजाय। ‘अमुक’ को मोह के, मेरे पास न लाए, तो अञ्जनी का पूत न कहाय। दुहाई राम-जानकी की।”विधि- ११ दिनों तक ११ माला उक्त मन्त्र का जप कर इसे सिद्ध कर ले। ‘राम-नवमी’ या ‘हनुमान-जयन्ती’ शुभ दिन है। प्रयोग के समय दूध या दूध निर्मित पदार्थ पर ११ बार मन्त्र पढ़कर खिला या पिला देने से, वशीकरण होगा।७आकर्षण हेतु हनुमद्-मन्त्र-तन्त्र“ॐ अमुक-नाम्ना ॐ नमो वायु-सूनवे झटिति आकर्षय-आकर्षय स्वाहा।”विधि- केसर, कस्तुरी, गोरोचन, रक्त-चन्दन, श्वेत-चन्दन, अम्बर, कर्पूर और तुलसी की जड़ को घिस या पीसकर स्याही बनाए। उससे द्वादश-दल-कलम जैसा ‘यन्त्र’ लिखकर उसके मध्य में, जहाँ पराग रहता है, उक्त मन्त्र को लिखे। ‘अमुक’ के स्थान पर ‘साध्य’ का नाम लिखे। बारह दलों में क्रमशः निम्न मन्त्र लिखे- १॰ हनुमते नमः, २॰ अञ्जनी-सूनवे नमः, ३॰ वायु-पुत्राय नमः, ४॰ महा-बलाय नमः, ५॰ श्रीरामेष्टाय नमः, ६॰ फाल्गुन-सखाय नमः, ७॰ पिङ्गाक्षाय नमः, ८॰ अमित-विक्रमाय नमः, ९॰ उदधि-क्रमणाय नमः, १०॰ सीता-शोक-विनाशकाय नमः, ११॰ लक्ष्मण-प्राण-दाय नमः और १२॰ दश-मुख-दर्प-हराय नमः।यन्त्र की प्राण-प्रतिष्ठा करके षोडशोपचार पूजन करते हुए उक्त मन्त्र का ११००० जप करें। ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए लाल चन्दन या तुलसी की माला से जप करें। आकर्षण हेतु अति प्रभावकारी है।८वशीकरण हेतु कामदेव मन्त्र“ॐ नमः काम-देवाय। सहकल सहद्रश सहमसह लिए वन्हे धुनन जनममदर्शनं उत्कण्ठितं कुरु कुरु, दक्ष दक्षु-धर कुसुम-वाणेन हन हन स्वाहा।”विधि- कामदेव के उक्त मन्त्र को तीनों काल, एक-एक माला, एक मास तक जपे, तो सिद्ध हो जायेगा। प्रयोग करते समय जिसे देखकर जप करेंगे, वही वश में होगा।९प्रेमी-प्रेमिका वशीकरण मंत्र‘कामाख्या- देश कामाख्या् देवी,जहॉं बसे इस्मा इल जोगी,इस्माबइल जोगी ने लगाई फुलवारी,फूल तोडे लोना चमारी,जो इस फूल को सूँघे बास,तिस का मन रहे हमारे पास,महल छोडे, घर छोडे, आँगन छोडे,लोक कुटुम्बह की लाज छोडे,दुआई लोना चमारी की,धनवन्तोरि की दुहाई फिरै।’“किसी भी शनिवार से शुरू करके 31 दिनों तक नित्य 1144 बार मंत्र का जाप करें तथा लोबान, दीप और शराब रखें, फिर किसी फूल को 50 बार अभिमंत्रित करके स्त्रीर को दे दें। वह उस फूल को सूँघते ही वश में हो जाएगी।”नोट :- (किसी सिद्ध पुरुष के संपर्क और सानिंध्य में ही करें और चमत्कार देखें)१०ऐं पिन्स्थां कलीं काम-पिशाचिनी शिघ्रं ‘अमुक’ ग्राह्य ग्राह्य, कामेन मम रुपेण वश्वैः विदारय विदारय, द्रावय द्रावय, प्रेम-पाशे बन्धय बन्धय, ॐ श्रीं फट्।”विधि- उक्त मन्त्र को पहले पर्व, शुभ समय में २०००० जप कर सिद्ध कर लें। प्रयोग के समय ‘साध्य’ के नाम का स्मरण करते हुए प्रतिदिन १०८ बार मन्त्र जपने से ‘वशीकरण’ हो जाता है११शुभ दिन एवं शुभ लग्न में सूर्योदय के पश्चात उत्तर की ओर मुंह करके मूंगे की माला से निम्न मंत्र का जप शुरू करें। ३१ दिनों तक ३ माला का जप करने से मंत्र सिद्ध हो जाता है। मंत्र सिद्ध करके वशीकरण तंत्र की किसी भी वस्तु को टोटके के समय इसी मंत्र से २१ बार अभिमंत्रित करके इच्छित व्यक्ति पर प्रयोग करें। अमुक के स्थान पर इच्छित व्यक्ति का नाम बोलें। वह व्यक्ति आपके वश में हो जाएगा। मंत्र इस प्रकार है -ऊँ नमो भास्कराय त्रिलोकात्मने अमुक महीपति मे वश्यं कुरू कुरू स्वाहा।१२रवि पुष्य योग (रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र) में गूलर के फूल एवं कपास की रूई मिलाकर बत्ती बनाएं तथा उस बत्ती को मक्खन से जलाएं। फिर जलती हुई बत्ती की ज्वाला से काजल निकालें। इस काजल को रात में अपनी आंखें में लगाने से समस्त जग वश में हो जाता है। ऐसा काजल किसी को नहीं देना चाहिए।१३कौए और उल्लू की विष्ठा को एक साथ मिलाकर गुलाब जल में घोटें तथा उसका तिलक माथे पर लगाएं। अब जिस स्त्री के सम्मुख जाएगा, वह सम्मोहित होकर जान तक न्योछावर करने को उतावली हो जाएगी।१४अगर आपका जीवनसाथी, प्रेमिका, प्रेमी , भाई ,बहन, बेटी, बेटा ,रिश्तेदार, पति आप से दूर चला गया हो और वो आपको संपर्क न करे तो आप यह सरल प्रभावकारी टोटका कर सकते है ! आपका बॉस आपसे खुश नहीं रहता या आप की तरफ ध्यान नहीं देता तो भी आप यह कर सकते है !आप सबसे पहले किसी भी अमावस्या के दिन दो सूखे हुए पीपल के पत्ते तोड़ ले, नीचे ज़मीन से न उठाए, जो कुछ पीले/सूखे से हो पेड़ से ही तोड़ेँ, आप जिस से प्यार करते है, या जिस व्यक्ति को प्रभावित करना चाहते हो उस का नाम दोनों पीपल के पत्तो पर लिख देँ, एक पत्ते पर काजल से लिखेँ और उसको वहीँ पीपल के पेड़ के पास उल्टा कर के रख दे और उस पर भारी पत्थर रख दे, और दूसरे पत्ते पर लाल सिँदूर से लिखेँ और उसको लाकर अपने घर की छत पर उल्टा कर के रख देँ और उस पर भी पत्थर रख दे, ये आपको आगामी पूर्णिमा तक करना है यानि 16 दिन और प्रतिदिन पीपल के पेड़ में अपने साथी को वापस पाने की प्रार्थना करते हुए पानी भी चढायेँ ।कुछ दिन बाद आपने जिसका नाम लिखा था वह व्यक्ति आपसे संपर्क करेगा और वो आपकी तरफ पुनः आकर्षित होने लगेगा । फिर सभी पत्ते एकत्र कर किसी शुद्ध स्थान पर गड्ढे मेँ दबा देँ।१५अगर पति या प्रेमी का पत्नी या प्रेमिका के प्रति प्यार कम हो गया हो तो श्री कृष्ण का स्मरण कर तीन इलायची अपने बदन से स्पर्श करती हुई शुक्रवार के दिन छुपा कर रखें। जैसे अगर साड़ी पहनतीं हैं तो अपने पल्लू में बांध कर उसे रखा जा सकता है और अन्य लिबास पहनती हैं तो रूमाल में रखा जा सकता है।शनिवार की सुबह वह इलायची पीस कर किसी भी व्यंजन में मिलाकर पति या प्रेमी को खिला दें। मात्र तीन शुक्रवार में स्पष्ट फर्क नजर आएगा।१६शुक्ल पक्ष के रविवार को ५ लौंग शरीर में ऐसे स्थान पर रखें जहां पसीना आता हो व इसे सुखाकर चूर्ण बनाकर दूध, चाय में डालकर जिस किसी को पिला दी जाए तो वह वश में हो जाता है।१७वशीकरण का सबसे आसान तरीकायहां वशीकरण यानि किसी को अपने प्रभाव में लाने या अनुकूल बनाने का सरल अनुभवी एवं अचूक तरीका या उपाय दिया जा रहा है। यह अचूक और शर्तिया कारगर उपाय इस प्रकार है– जिस भी व्यक्ति को आप अपने वश में करना चाहते हैं, उसका एक चित्र जो कि लगभग पुस्तक के आकार का तथा स्पष्ट छवि वाला हो, उपलब्ध करें। उस चित्र को इतनी ऊंचाई पर रखें कि जब आप पद्मासन में बैठे, तो उस चित्र की छवि आपकी आंखों के सामने ही रहे। ५ मिनिट तक प्राणायाम करने के पश्चात उस चित्र पर ध्यान एकाग्र करें। पूर्ण गहरे ध्यान में पंहुचकर उस चित्र वाले व्यक्तित्व से बार-बार अपने मन की बात कहें। कुछ समय के बाद अपने मन में यह गहरा विश्वास जगाएं कि आपके इस प्रयास का प्रभाव होने लगा है। यह प्रयोग सूर्योदय से पूर्व होना होता है।यह पूरा प्रयोग असंख्यों बार अजमाने पर हर बार सफल रहता है। किन्तु इसकी सफलता पूरी तरह से व्यक्ति की एकाग्रता और अटूट विश्वास पर निर्भर रहती है। मात्र तीन से सात दिनों में इस प्रयोग के स्पष्ट प्रभाव दिखने लगते हैं।१८सर्वजन मोहिनी वशीकरण साधना विजय आनंद ‘लोहट’ मंत्र: ¬ नमो भगवते कामदेवाय सर्वजन प्रियाय सर्वजन सम्मोहनाय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल हन हन वद वद तप तप सम्मोहय सम्मोहाय सर्वजन मे वशं कुरू कुरू स्वाहा। मंत्र जप संख्या: इक्कीस हजार दिशा: उत्तर स्थान: घर का एकांत कक्ष समय: मध्य रात्रि दिन: शुक्रवार/मोहिनी एकादशी आसन: सफेद रंग वस्त्र: सफेद धोती हवन: (दशांश) देशी घी, पंचमेवा (काजू, बादाम, किशमिश, पिस्ता, मखाना) साधना सामग्री: सम्मोहन सिद्ध प्राण प्रतिष्ठित यंत्र, सिद्ध वशीकरण माला, सम्मोहिनी कवच वशीभूत गुटिका, सम्मोहिनी सिद्ध तंत्र फल एवं अन्य उपयोगी आवश्यक पूजन सामग्री। विधि: मोहिनी एकादशी या किसी शुक्रवार को स्नान आदि से निवृत्त होकर कांसे की थाली में समस्त तांत्रिक पूजन सामग्री स्थापित करके पंचोपचार पूजन करना चाहिए। व्यक्ति विशेष को वश में करने का अथवा सिद्धि का संकल्प लेते हुए विधि-विधान पूर्वक गुरु-गणेश वंदना करके मूल मंत्र का जप करें। जप की पूर्णता पर दशांश हवन करके ब्राह्मण एवं पांच कंुआरी कन्याओं को भोजन सहित उपयुक्त दान दक्षिणा देकर साधना को पूरा करें। इस महत्वपूर्ण सम्मोहिनी साधना से साधक का व्यक्तित्व अत्यंत सम्मोहक और आकर्षक हो जाता है। उसके संपर्क में आने वाला कोई भी व्यक्ति प्रभावित हुए बगैर नहीं रहता। यदि कोई साधना करने में असमर्थ हो, तो योग्य विद्वान द्वारा यह साधना संपन्न करवाकर सम्मोहिनी कवच धारण करके उक्त लाभ प्राप्त कर सकता है।१९सम्पूर्ण मन्त्र सिद्ध एवं चैतन्य युक्त “ वशीकरण कवच यंत्र ” को पास रखने पर । पत्थर दिल स्त्री पुरुष, अधिकारी, व्यापारी, बिजनेस पार्टनर, ग्राहक, मित्र वर्ग, सगे संबंधी और शत्रु यह तमाम आपसे प्रभावित होकर आपकी इच्छा अनुसार कार्य करने लगते हे । यह कवच के प्रभाव् से आपका व्यक्तित्व चुम्बकीय एवं आकर्षक हो जाएगा । जिससे आपको व्यापर में लाभ । मार्केटिंग कार्यो में सफलता । कोर्ट केस में जित । परीक्षा में सफलता । अच्छी नोकरी की प्राप्ति । गृह क्लेश में शांति । कर्ज मुक्ति । रोग मुक्ति । इच्छित लग्न एवं प्रेम प्राप्ति होगी ।२०मंत्र :ॐ ह्रीं गं ह्रीं वशमानय स्वाहा।।विनियोग :ॐ अस्य श्री हस्तिमुख गणेश मंत्रस्य श्री गणक ऋषि: गायत्री छंद:। श्री हस्तिमुख गणपति देवता ममाभीष्ट सिद्धयर्थे विनियोग:।ऐसा बोलकर जल छोड़ें।अंग न्यास तथा करन्यास इस प्रकार करें।ॐ गं अंगुष्ठाभ्यां नम: हृदयाय नम:ॐ गं तर्जनीभ्यां नम: शिरसे स्वाहाॐ गं मध्यमाभ्यां नम: शिखायै वषट्ॐ गं अनामिकाभ्यां नम: कवचाय हुम्ॐ गं कनिष्ठिकाभ्यां नम: नैत्रत्रयाय वौषट्ॐ गं करतलकरपृष्ठाभ्यां नम:अस्त्राय फट्हस्तिमुख गणपति के तीन लाख मंत्र जाप करें। दशांश हवन ईख तथा घी में तले हुए अपूप (पुए) से करें।२१यह प्रयोग बड़ा ही आसान प्रयोग है और शीघ्र प्रभाव देने वाला भी,इसीलिए इस प्रयोग को दुर्लभ माना जाता है॰वैसे भी यह प्रयोग कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को मंगलवार के दिन किया जाता है,परंतु हमारे कुछ भाई लोगो ने इस प्रयोग को मंगलवार , अष्टमी या कृष्ण पक्ष का कोई अच्छया तिथि हो सम्पन्न करके सफलता हासिल की है,और अब आप भी करके तो देखो॰ इस प्रयोग मे एक पान का पत्ता लेना है,ज्यो किसी पान के दुकान मे आसानी से मिल जाता है,और इस पत्ते को कथ्था लगाकर खाया जाता है (नागरवेल),तो इस पत्ते पे जिसे वश करना है उस व्यक्ति का नाम लिखे और नाम को देखते हुये निम्न मंत्र का जाप 108 बार करे और पत्ते पे तीन बार फुक मारे॰॥ क्लीं क्रीं हुं क्रों स्फ़्रों कामकलाकाली स्फ़्रों क्रों हुं क्रीं क्लीं स्वाहा ॥अब इस अभिमंत्रित पत्ते को अपने मुह मे डालकर धीरे-धीरे चबाते हुये निम्न मंत्र जाप जब तक पूरा पत्ता चबाना खत्म ना हो जाये तब तक करना है,॥ ॐ ह्रीं क्लीं अमुकी क्लेदय क्लेदय आकर्षय आकर्षय मथ मथ पच पच द्रावय द्रावय मम सन्निधि आनय आनय हुं हुं ऐं ऐं श्रीं श्रीं स्वाहा ॥जब पत्ता समाप्त हो जाये तो थोड़ा पानी पी लीजिये और जिसे वश करना हो उसका स्मरण करते हुये फिर से निम्न मंत्र का जाप 108 बार करे,॥ क्लीं क्रीं हुं क्रों स्फ़्रों कामकलाकाली स्फ़्रों क्रों हुं क्रीं क्लीं स्वाहा ॥२१वशीकरण साधनाअद्भुत समोहन प्राप्ति वशीकरण – श्री ज्वाला मालनी साधनासुख स्मृधी पे ग्रहण होता है गृह कलेश क्यू के घर में तनाव पूर्ण महोल ही प्रमथिक होता इसके साथ ही यदि आपका उचधिकारी आपके अनुकूल नहीं है | या आपके बच्चे या आपकी पत्नी आपके अनुकूल न हो तो भी जीवन में उदासीनता घर कर जाती है |यह साधना एक अद्भुत साधना है जो के साधक को ऐसा दिव्य स्मोहन देती है जिस से उसके कार्य सहज ही होने लगते है लोग उसकी बात का आदर करते है उसकी वाणी में अद्भुत प्रभाव आ जाता है छोटे बड़े सभ उसको इज़त देते है | वह अपने आस पास के महोल को और लोगो को अपने अनुकूल रखने और परिचित जा अपरिचित व्यक्ति के साथ मधुर संबंध बनाने और अपने व्यक्तिगत जीवन की आ रही अनेक स्मस्याओ को दूर करने में सक्षम हो जाता है |











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